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Thursday, 21 November 2019

सूर्य कुंडली के पहले भाव में फल और उपाय

Image source: Google
दोस्तों आज में आपके साथ एक बात सांझी करना चाहूंगा सूर्य एक ऐसा ग्रह है,जो सब ग्रहों का आगु होता है। इस लिए इनको आप अंतरिक्ष में देखे तो सभी बाकी के ग्रह सूर्य देव के इर्द गिर्द चक्र पूरा करते है और हमको हमारी कुण्डी के अनुसार फल प्रदान करते है। सूर्य देव के फलो को जानने से पहले हमको यह जानना जरूरी है कि सूर्य देव की कौन कौन कि चीजे दान करनी चाहिए और कौन कौन से नहीं। एक बात हमेशा याद रखो की अगर आपका कोई ग्रह अच्छा हो कुंडली में तो उस ग्रह का दान कभी ना करे।
सूर्य के पहले भाव में शुभ फल :-
सूर्य पहले भाव में फल यदि सूर्य शुभ है तो जातक धार्मिक इमारतों या भवनों का निर्माण और सार्वजनिक। उपयोग के लिए कुओं की खुदाई करवाता है। उसकी आजीविका का स्थाई स्रोत अधिकांशत : सरकारी होगा। इमानदारी से कमाए गए धन में वद्धि होगी। जातक अपनी आंखों देखी बातों पर ही विश्वास करेगा, कान से सनी गई बातों पर नहीं। 
सूर्य के पहले भाव में अशुभ फल :-
यदि सर्य अशुभ है तो जातक के पिता की मृत्यु जातक के बचपन में ही हो जाती है। यदि शुक्र सातवें भाव में हो तो दिन के समय बनाया गया शारीरिक संबंध पत्नी को लगातार बीमारी देगा और तपेदिक के संक्रमण का भय पैदा करता है । पहले भाव का अशुभ सूर्य और पांचवें भाव का मंगल एक - एक कर संतान की मृत्यु का कारण होगा। इसी प्रकार पहले भाव का अशुभ सूर्य और आठवें भाव का शनि एक - एक करके संतान की मृत्यु का कारण बनता है। यदि सातवें भाव में कोई ग्रह न हो तो 24 से पहले विवाह कर लेना जातक के लिए भाग्यशाली साबित होगा। अन्यथा जातक के चौबीसवां साल विनाशकारी साबित होगा।
उपाय :-
1. 24 वर्ष से पहले ही शादी कर लें।
2. दिन के समय यौन संबंध न बनाएं।
3. अपने पैतृक घर में पानी के लिए एक हैंडपंप लगवाएं।
4. अपने घर के अंत में बाईं और एक छोटे और अंधेरे कमरे का निर्माण कराएं।
5. पति या पत्नी दोनों में से किसी एक को गुड़ खाना बंद कर देना चाहिए।

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